
कहते हैं कि कुछ रिश्ते ऊपरवाला बनाता है, कुछ रिश्ते लोग बनाते हैं पर कुछ लोग बिना किसी रिश्ते के ही रिश्ते निभाते हैं शायद वही दोस्त कहलाते हैं। दोस्ती एक अनमोल रिश्ता है एक दोस्त में आप बहुत से रिश्तों का समावेश पा जाते हैं। कभी वह बाप की तरह डांटता है तो कभी भाई की तरह समझाता है। दोस्त वह होता है जिसके पास आपकी हर मुश्किल का हल होता है, दोस्त वह होता है जो बिना कहे ही आपकी सारी बातें समझ लेता है।
एक अच्छा दोस्त किस्मत से ही मिलता है। लेकिन आज हर गली और चौराहे पर आपको दोस्ती का उपहार खूबसूरत पैंकिंग में लिपटा हुआ मिल जाएगा। बहुत सी खुशबू बिखेरता और बहुत सी साज-सज्जाओं से लैस लोग आपको दोस्त बनाने को आतुर रहते हैं। इनका एक ही सवाल होता है क्या मुझसे दोस्ती करोगे, नई-नई बहार से मिलोगे। उनकी दोस्ती धीरे-धीरे आगे बढ़ती है। आपके बचपन का दोस्त तो बस यह समझ पाता है कि आप क्या सोच रहे हैं लेकिन यह दोस्त तो वह भी समझ जाते हैं जो आप नहीं सोच रहे हैं।
इनकी दोस्ती की शुरुआत चैटिंग या फोन पर बात करने से शुरू होती है। यह आपसे बेहद मीठी-मीठी बातें करते हैं, सपनों की दुनिया की सैर कराते हैं। अगर आप गलती से भी उन्हें सच का सामना करवा दें तो वह अपने को किसी देव पुरुष की तरह सच्चा साबित करने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं (हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो पाते)। उनके कुछ पिटे-पिटाए डायलॉग होते हैं जैसे मैं समझता हूं इस सोसाइटी को, बेहद गंदी मानसिकता है यहां के लोगों की, इनके तो दिमाग में ही गंदगी भरी है, देखिए मैं हर लड़की से बात नहीं करता, आप मुझे सबसे अलग लगीं, मैं इस सिस्टम का हिस्सा नहीं, मुझे आप औरों जैसा बिल्कुल न समझिए वगैरह-वगैरह।
इनकी मित्रता मेरी तो समझ में नहीं आती आखिर फोन पर बात करने और नेट पर चैटियाने से कोई मित्र कैसे हो सकता है वह भी उल जलूल बाते करने वाला। अगर मैं अपने मित्र के बारे में कहूं तो मेरी हर एक ड्रेस चुनने से लेकर जीवन साथी तक चुनने में उसका सहयोग रहा है। लात घूंसों और मुक्कों से स्वागत का रिवाज है। एक दूसरे के बिना एक कदम न बढाने की गैर हिम्मती भी जुडी़ हुई है। खैर जाकि बंदरिया, उही से नाचे वाले हाल यहां भी हैं। हमें इस दोस्ती का तजुर्बा ही नहीं।
कई बार तो आपके रॉन्ग नंबर से फोन आता है, किसी अनजाने का वह आपसे यह कहेगा कि मुझे आपसे दोस्ती करनी है बस, प्लीज आप मुझसे दोस्ती कर लीजिए। बडी़ ही मासूम होती है उनकी यह फीलिंग उन्हें आपकी उम्र, शक्ल और शादीशुदा होने से कोई फर्क नहीं पड़ता उन्हें तो बस एक हसीना से बात करने का सुख मिलता है। बहुत बार आपके जानने वाले भी ऐसा ही करने का प्रयास करते हैं इनमें आपके सहकर्मी या सहकर्मी के दोस्त या दोस्त के दोस्त भी शामिल रहते हैं। जिन्हें अगर एक लड़की का नम्बर मिल जाए या ईमेल आईडी मिल जाए तो एक सेकेंड भी नहीं लगता दोस्ती का हाथ बढ़ाने में। अगर आप उनको जानती हैं तो वह अपने को महान साबित करेंगे। आपको बहन तक कह देंगे हालांकि उनके कुत्सित दिमाग का मामला ही कुछ और होता है। अगर दोस्ती का ऑफर देने वाला अनजान है तो किसी मुम्बइया हीरो की तरह प्रेम के देश का वासी होने का प्रमाण देंगे। बेहद समझदार, खुली और आधुनिक सोच वाला, आपको आदर्श का पाठ पढ़ाने वाला दुनिया की खूबसूरती से आपको परिचित कराने वाला। आप अगर इनकी दोस्ती से इनकार कर दें तो अक्सर इनकी ईगो को ठेस पहुंच जाती है।
अनजान हसीना के खयालों में डूबे रहने वाले ऐसे ही किसी दोस्त की ऑफर आपको भी मिल सकती है। तो सावधान मित्रता की ये ऑफर वैसे तो कभी भी मिलती रहती लेकिन चूंकि अगस्त माह का पहला सप्ताह है तो खास ऑफर मिल सकते हैं। वैसे आप सभी को थोड़ी देर से हैप्पी फ्रेंडशिप डे।